मजबूत रिश्ते : अपने बच्चो के दोस्त कैसे बने (6 तरीके)

जी तो दोस्तों आज हम बच्चो और माता पिता के बारे में बात करने जा रहे है आज का आर्टिकल है कि, “माता पिता अपने बच्चो के दोस्त कैसे बने”. जैसा की हमने बदलती दुनिया को जाना है और ये पाया है कि, आजकल के वक्त में सबकी लाइफ इतनी बदल चुकी है कि, हम अपने busy schedule के कारण एक दुसरे को वक्त नहीं दे पारहे. अगर हम एक परिवार की बात करे तो फ़ास्ट लाइफस्टाइल के कारण माता पिता अपने बच्चो को या बच्चे अपने माता पिता को time नहीं दे पाते है. तो जब एक परिवार एक दुसरे को वक्त नहीं दे पाता तो आप ही बताये कि, एक मजबूत रिश्ता कैसे बनेगा.

इन्ही वजहों से एक परिवार में आपस में प्यार नहीं रहता, एक दुसरे की respect नहीं करते, एक दुसरे की परवाह नहीं करते etc etc बाते. तो अगर आप अपने बच्चो को वक्त नहीं दे पा रहे है या आपको लग रहा है कि, आपके बच्चे आपसे दूर होते जा रहे है तो आपको हमारा ये आर्टिकल जरुर पढना चाहिये.

मजबूत रिश्ते अपने बच्चो के दोस्त कैसे बने (6 तरीके)

Be a Friend to Children in Hindi

निचे हमने कुछ तरीके बता रखे है इन्हें पढ़े और आजमाये. हम पुरे confidence के साथ कह सकते है कि, अगर आप हमारे तरीको को फॉलो करोगे तो कुछ ही दिनों में आप और आपके बच्चे एक दुसरे के करीब होंगे.

1.सब मिलकर आपस में बात करे

अगर आप और आपके husband काम करते है तो आप लोगो के लिये एक साथ बैठ कर बात करना बहुत मुस्किल हो जाता है. ऐसे में आप अपने बच्चो पर कम ध्यान दे पाते हो तो लाजमी है कि, आपके बच्चो का आपसे interaction कम होगा. पर अगर आप कोशिश करे तो आप अपने बच्चो के साथ कुछ time spend कर सकते हो और ये तभी हो सकता है जब आप एक साथ बैठ कर खाना खाये. दोस्तों हमे सुबह और दिन का पता नहीं पर इतना पता है कि, शाम को सभी घर पर मोजूत होते है तो ऐसे में आप इकट्ठे बैठ कर एक दुसरे के साथ खाना खा सकते है ऐसे में आप अपने बच्चो से बात कर सकते है और उनके करीब आसकते है.

2. बच्चो के साथ Violence ना करे

भाग दौड़ वाली जिंदगी में tension और stress का होना बहुत आम बात है और कभी कबार हम अपने tension और stress को बेवजह अपने बच्चो पर गुस्से के तौर पर उतार देते है. ऐसे में बच्चे आपके बेवजह गुस्से से आपसे दूर हो जाते है या आपके आसपास दिखना नहीं चाहते. तो दोस्तों कोशिश करे कि, अपने बाहरी जिंदगी को घर पर ना लाये मतलब अपने बाहरी चिन्ताओ को घर पर ना लाये. बच्चो पर गुस्सा होने के बजाये उन्हें समझाये कि, वो क्या गलत कर रहे है और इससे उनका क्या नुक्सान है. इस तरह की बातचीत से आप अपने बच्चो के साथ थोडा बहुत time spend कर सकते है जो अपने बच्चो के दोस्त बनने की एक अच्छी निसानी है.

3. सही Punishment दे

जहा तक बच्चो को सजा देने की बात आती है तो हर माता पिता का अपना अपना अंदाज होता है. माता पिता के punishment देने के तरीको से ही बच्चे जान पाते है कि, उनके माता पिता किस तरह के है. तो अगर आप अपने बच्चो के दोस्त बनना चाहते है तो आपको सजा देने के बजाये उन्हें समझाये. उन्हें ये समझाये कि, इस गलती की सजा क्या होती है और ये गलती आगे जाकर आपका क्या नुक्सान करेगी. आप अपने बच्चो को समझये कि, हम आपसे बहुत प्यार करते है और आपका भला चाहते है. आप अपने बच्चो को कहे कि, हम चाहते है कि, जैसे जैसे तुम बढ़ो तो तुम अच्छी आदतों को साथ में लेकर चलो.

4. बच्चो की सराहना करे

सराहना किसे नहीं पसंद……………………पूरी दुनिया सराहना की भूखी है. बच्चो को दी गयी सराहना बच्चो को बहुत मोटीवेट करती है. तो जब भी आपको लगे कि, आपके बच्चो ने कुछ अच्छा काम किया है या आपका नाम रोसन किया है तो उसी वक्त बच्चो की खूब सराहना करे और उन्हें future के लिये मोटीवेट करे. ऐसा करने से आप अपने बच्चो को ये जाहिर करोगे कि, आप अपने बच्चो की कितनी care करते है.

कई माँ बाप अपने बच्चो की बेवजह सराहना करते है या गलत काम पर भी सराहना करते है. इस तरह कि, गलती आप ना करे.

5. बच्चो के साथ खेले

माँ बाप का ज्यादा वक्त बाहर रहने का मतलब है कि, बच्चो के साथ मेलजुल कम होना. ऐसे में बच्चो को माँ बाप की दुरी की आदत हो जाती है जिससे बच्चे अपने parents के साथ ज्यादा देर तक बैठना पसंद नहीं करते, तो आप ही बताये कि, आप अपने बच्चो को दोस्त कैसे बन पाओगे.

आपको ऐसे में दिमाग से काम लेना चाहिये और बच्चो की ही तरह सोचना चाहिये. देखिये बच्चो को खेलना बहुत पसंद होता है और वो किसी के साथ भी खेल लेते है. तो ऐसे में आपको अपने बच्चो को खेलने के लिये कहना चाहिये. हमे उम्मीद है कि, आपके बच्चे आपके साथ जरुर खेलेंगे. इस तरह से आप बच्चो को वक्त भी दे पायेंगे और आप तंदरुस्त भी रह पाओगे.

6. बच्चो की सुने

माँ बाप अपने busy schedule के कारण बहुत busy रहते है और ऐसे में वो ये सुनना पसंद नहीं करते है कि, उनके बच्चे उनसे कुछ कहे. बहुत से parents अपने बच्चो को बीच में ही टोक देते है. माँ बाप की इस तरह की आदते बच्चो को अन्दर से झंझोर देते है. तो आपको हमारी यही सलाह है कि, दिन के 15 मिनट अपने बच्चो के लिये निकाले और जाने कि, आपके बच्चे आपसे क्या बोलना चाहते है. बच्चो की सुने और उनकी बातो पर अमल करे.

जी तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा, हमे comment करके बताये. अगर आपके पास कोई सवाल है तो आप हमसे पूछ सकते है. दोस्तों हमारे साथ बने रहने के लिये thanks.

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