बच्चो के बिस्तर पर पिसाब की आदत को कैसे छुडाये (100% तरीके)

बच्चो के बिस्तर पर पिसाब की आदत को कैसे छुडाये (100% तरीके)

दोस्तों आज हम बच्चो के बिस्तर पर पिसाब करने के बारे में बात करने जा रहे है आज का आर्टिकल है कि, “बच्चो के बिस्तर पर पिसाब की आदत को कैसे छुडाये हिंदी में”. आप लोगो की नजर में बच्चो का बिस्तर पर पिसाब करना बुरा या शर्मनाक हो सकता है पर अगर सच कहे तो ये कोई बड़ी बात नहीं है. दुनिया में सिर्फ आप ही का बच्चा इकलोता नहीं है जो बिस्तर पर पिसाब करता है बल्कि दुनिया में करोडो बच्चे है जो बिस्तर पर पिसाब करते है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने सर्वे में पाया है कि, 5 से 6 साल के बच्चे बिस्तर पर पिसाब करते है. तो आपको घबराने की जरुरत नहीं है.

लेकिन अगर आप बच्चा 6 य 7 साल से ऊपर का है और अभी भी बिस्तर गिला करता है तो ये थोड़ी बहुत सोचने वाली बात है. मेयो क्लिनिक के मुताबिक दुनिया में 5% बच्चे 7 से 11 की उम्र में बिस्तर पर पिसाब करते है. तो यहाँ पर समझने वाली बात ये है कि, बच्चो का पिसाब करना नेचुरल है. बच्चो को डाट कर या पिटाई कर आप बच्चो के बिस्तर गिला करने से पीछा नहीं छुड़ा सकते बल्कि आपको दूसरा तरीका आजमाना चाहिये. उन तरीको को जानने के लिये ये आर्टिकल पूरा पढ़े.

बच्चो के बिस्तर पर पिसाब की आदत को कैसे छुडाये (100% तरीके)

Bed Wetting Solution In Hindi

बच्चो पर काम करे

आपको अब बच्चो पर कुछ काम करना होगा. निचे हमने कुछ तरीके बताये है आप इन्हें पढ़े और फॉलो करे.

1.दोष ना दे

कई माता पिता अपने बच्चो को दोष देते है या उन्हें डाटते है या पिटते है. पर क्या आपको लगता है कि, ऐसा करने से आपको कुछ हासिल हुआ. हमारे हिसाब से नहीं. अगर आप ऐसा करते है तो इसका मतलब है की आपको बच्चो के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है. देखिये आपको पता होना चाहिये कि, अगर आपका बच्चा बिस्तर गिला करता है तो ये एक नेचुरल आदत है. कुछ बच्चो की ये आदत चली जाती है तो कुछ बच्चो में रह जाती है. पर इसका ये मतलब नहीं है कि, आपका बच्चा जिंदगी भर तक बिस्तर पर पिसाब करेगा.

आपको सबसे पहले अपने बच्चो पर दोष देना छोड़ना होगा और उन्हें बताना होगा कि, ये आदत सभी बच्चो में होती है और तुम इस आदत से बाहर निकल सकते हो. बच्चो को मोटीवेट करे प्रोत्साहित करे ताकि बच्चे अपने आपको confidence महसूस का सके. ऐसा करने से कई बच्चे बिस्तर गिला करने की आदत से छुट जाते है.

2. सोने से पहले बाथरूम करवाये

पहले ये जाने कि, आपका बच्चा सोने से पहले बाथरूम मतलब पिसाब करने जाता है की नहीं. अगर नहीं जाता है तो उसे सोने से पहले बाथरूम करवाये. हो सकता है कि, आपका बच्चा starting में बाथरूम ना करे पर आपको ये आदत रोज डालनी होगी. थोड़े दिनों बाद आपका बच्चा उसी वक्त पर बाथरूम करना शुरू कर देगा. अध्ययन से पाया गया है कि, जब आपका बच्चा सोने से पहले पिसाब कर लेता है तो ऐसे में रात को बिस्तर गिला करने का चान्स कम हो जाता है.

3. ज्यादा पानी ना पिलाये

बच्चो को ज्यादा पानी पिलाना उनकी सेहत के लिये बहुत अच्छा है पर इस बात का ध्यान रखे कि, बच्चो को रात को सोने से पहले पानी ना दे. हो सकता है कि, इसी वजह से आपका बच्चा रात को बिस्तर गिला कर रहा हो.

बिस्तर पर पिसाब की आदत को छुडाये

दोस्तों हमार पास और भी तरीके है बिस्तर पर पिसाब की आदत छुड़ाने के लिये. निचे इन तरीको को पढ़े और फॉलो करे.

1. रात को एक बार बाहर लेजाये

अगर आपका बच्चा सोने से पहले पिसाब नहीं करता है तो कोई दिक्कत नहीं. पर आप एक बारी बच्चे को आधी रात के वक्त बाहर ले जा सकते हो. हो सकता है कि, आपका बच्चा रात को उठे ना पर फिर भी उसे जबरदस्ती से उठाये और पिसाब करने को कहे. यकीन मानिये आपका बच्चा पिसाब जरुर करेगा.

2. Moisture Alarm ख़रीदे

आज के वक्त में तकनीकी इतनी बढ़ चुकी है कि, अगर आपको सही यंत्रो का पता हो तो आप अपना हर काम आसान कर सकते हो. वैसे ही बच्चो के बिस्तर पर पिसाब को रोकने के लिये moisture alarm बनाया गया है. ये अलार्म आपके बच्चो को पिसाब करने से रोकता है. जब आपका बच्चा पिसाब करता है तो ये अलार्म पिसाब के moisture को पहचान लेता है और अलार्म बज पड़ता है. ऐसे में आपके बच्चे की नींद टूट जाती है जिस वजह से आपका बच्चा मूत्राशय को नियंत्रित कर लेता है.

3. Waterproof Mattress ले

बच्चा थोडा पिसाब करे या पूरा, ऐसी सिचुएशन में बिस्तर गन्दा तो होता ही होता है. तो अगर आप पूरी तरह से safe रहना चाहती है तो आपको बच्चे के बिस्तरे में waterproof mattress बिछाना चाहिये. ऐसे में क्या होगा कि, जब आपका बच्चा बिस्तर में थोडा या ज्यादा पिसाब करेगा तो waterproof mattress पिसाब को गद्दे तक नहीं जाने देगा. सुबह waterproof mattress और चादर को धो ले और रात के लिये दुबारा तैयार कर ले.

4. चिकित्सक से बात करें

वैसे तो market में बहुत सी दवाईया है जो बच्चो के पिसाब की समस्या को दूर कर सकते है लेकिन इसके साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते है जैसे कि :- सर दर्द होना, चहरे का रंग बदलना, पानी की कमी etc etc. तो हमारा आपको यही सलाह है कि, अगर आपको लगता है की आपका बच्चा इन तरीको से पिसाब की आदत को छोड़ नहीं पा रहा है तो आपको बच्चो के चिकित्सक से बात करनी चाहिये.

तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमे comment के through बताये. दोस्तों हमारे साथ बने रहने के लिये thanks.

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About the Author: Neha Sharma

Hi, friends मेरा नाम नेहा शर्मा है और में professional blogger हु. इस blog को बनाने का मेरा main मकसद ये है कि, मैं महिलाओ और लडकियों कि problem को solve कर सकु.

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