अनुशासन : बच्चो को गलती की सजा कैसे दे

दोस्तों आज हम बच्चो के अनुशासन के बारे में बात करने जा रहे है आज का आर्टिकल है कि, “बच्चो को गलती की सजा कैसे दे”. दोस्तों बच्चे बहुत भोले होते है वो ना चाहते हुवे भी बहुत सी गलतिया कर बैठते है. पर कई बच्चे जानबूजकर गलतिया करते है ऐसा करना उन्हें पसंद होता है. ऐसे में अगर माता पिता की बात कि जाये तो ऐसे बच्चो से माता पिता हमेशा दुखी रहते है. कई बार parents बच्चो कि गलतियों को माफ़ कर देते है तो कई बार बच्चो को बहुत मारते है ताकि बच्चे अगली बारी से वो गलती ना कर सके.

तो क्या बच्चो को बार बार माफ़ करना या सजा देते रहना सही है या नहीं. अगर देखा जाये तो बार बार बच्चो को माफ़ करने से बच्चे बहुत बिगड़ जाते है जिसका पता आपको बच्चो के बड़े होने के बाद पता लगता है. अगर बच्चो को बार बार मारा जाये तो बच्चे अन्दर से इतने मजबूत हो जाते है कि, वो आपको पलट जवाब देना शुरू कर देते है तो ऐसे में parents को अनुशासन में चल कर बच्चो को हैंडल करना चाहिये. how to give children punishment in Hindi.

अनुशासन बच्चो को गलती की सजा कैसे दे

ज्यादा सजा देने से होने वाले दुष्प्रभाव

पहले जान लेते है कि, बच्चो को बार बार सजा देने से क्या दुष्प्रभाव होता है. निचे हमने कुछ common प्रभाव बताये है जो आप हर बच्चे में देख सकते हो.

1. Negative सोच का होना

बच्चे free mind के होते है आप उन्हें जैसा ढालोगे वैसा ही वो ढलेंगे. बच्चो को बार बार मारने से बच्चो की सोच negative हो जाती है जिससे बच्चे हर चीज़ को negative तरीके से सोचते है. ऐसे में बच्चो में confidence में कमी आती है, लोगो से कम बोलते है और कुछ गलत करने जैसी गलत आदते आती है.

2. पूरी तरह से ढीठ होना

आप एक इंसान को बार बार एक चीज़ से torches नहीं कर सकते चाहे वो बातो से हो या मार से. वैसे ही बच्चो का है, आपके बार बार मार से या हर रोज के मार से बच्चे पूरी तरह से ढीठ हो जाते है या कहे तो बच्चो का मन खुल जाता है ऐसे में आपका डर बच्चो के मन से चला जाता है और बच्चे आपको lightly लेना शुरू कर देते है.

3. पलट जवाब देना

जब बच्चे किसी चीज़ को हर रोज सह नहीं पाते तो ऐसे में बच्चे पलट जवाब हो जाते है. शुरू में शायदा आपको बच्चो को देखर उनका जवाब बुरा ना लगे पर अगर ऐसा आगे तक चलता रहा तो बाद में आपको उनका पलट जवाब अच्छा नहीं लगेगा.

4. चिढ़चिढ़ा और जिद्दी का होना

ज्यादा मारने से या दवाब देने से बच्चे अपने आपको कमजोर महसूस करते है जिससे क्या होता है कि बच्चो में चिडचिडापन और जिद्दीपन आजाता है. ऐसे में बच्चे अपने माता पिता से अच्छे से बात नहीं कर पाते और किसी भी काम को अच्छे से नहीं करते.

बच्चो को सजा कैसे दे

अब बात करते है कि, बच्चो को किस तरह से सजा दिया जाये की वो आपके नियंतरण में रहे. निचे हमने कुछ तरीके बता रखे है आप इन्हें पढ़े और आजमाये. हमे उम्मीद है कि, आपको in तरीको से बहुत फायदा होगा और आपके बच्चे अनुशासन में रहना सीखेंगे.

1. हर बार सजा या मारना जरुरी नहीं है

आप एक माता पिता हो और आप अपने बच्चो का अच्छा ही चाहोगे. पर क्या आपको लगता है कि, हर बार बच्चो को सजा देना या मारना सही रहेगा. बच्चो के साथ अगर आप बड़ो की ही तरह treat करोगे तो बच्चे आपके नियंतरण में नहीं आयेंगे बल्कि आपके हाथो से निकल जायेंगे. आपको समझदारी से काम लेना होगा और बच्चो के साथ बच्चो की ही तरह treat करना होगा जिससे बच्चे आपसे खुल कर बात कर पायेंगे.

2. बच्चो को समझाये

हमारे हिसाब से मारपीट अच्छा तरीका नहीं है बल्कि बच्चो को समझाना एक समझदारी है. अगर बच्चा कुछ गलत करता है तो उसे मारे नहीं बल्कि बच्चे को समझाये कि, आपकी इस गलती से क्या क्या नुक्सान हुवा है या ये एक गन्दी आदत है जिससे बाद में आपको problem हो सकती है. बच्चो को प्यार से कहो कि, ऐसा ना करे ये गन्दी बात है.

3. बच्चो को बोलने की आजादी दे

कई बार आप बच्चो को ज्यादा नियंत्रण में रखने के लिये बच्चो पर ज्यादा दबाव डालते हो जैसे कि :- बच्चे आपसे कुछ पूछते है तो आप उनकी बातो को टाल देते है या बच्चो कि बातो को बीच में काट देते है. इस तरह करना क्या सही रहेगा? हमारे हिसाब से तो नहीं……. हम भारत में रहते है और बाहर में फ्रीडम सभी को है तो फिर बच्चो को बोलने की आजादी क्यु नहीं. आपको ये बात समझनी होगी कि, अगर आप अपने बच्चो को खुश या अपने हिसाब से रखना चाहते है तो आपको बच्चो को बोलने की आजादी देनी होगी. तभी बच्चे आपको अपनी बाते बतायेंगे, अपनी problems को शेयर करेंगे. इस तरह की communication आगे जाकर आपके और आपके बच्चो के बीच relation मजबूत बनाती है.

4. घर पर नियम बनाये

घर पर नियन होने का मतलब है कि, घर में अनुशासन का होना. नियम आपको और आपके बच्चो को नियंतरण में रखने का काम करता है. ऐसे में घर में हिंसा का होना बहुत कम हो जाता है. आपको एक रूल बनाना होगा कि, इस वक्त उठना है कब खाना है कब खेलना है, कब पढना है, कब टीवी देखना है, कब सोना है etc etc. इस तरह से आप और आपके बच्चे discipline में रहना सीखेंगे जिससे आपके बच्चे आगे जाकर अच्छे नियम पालन करने वाले बनेगे.

तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा, हमे comment करके बताये. अगर आपके मन में इस आर्टिकल से related और कोई सवाल है तो आप हमसे पूछे हम आपको जवाब जरुर देंगे. अगर आपको लगता है कि, इस आर्टिकल से किसी की मदद हो सकती है तो इस आर्टिकल को उन लोगो तक पहुचाये या हो सके तो इस आर्टिकल को शेयर और like करे. हमारे साथ बने रहने के लिये thanks.

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