बच्चो की देखभाल : आलसी और सुस्त बच्चो से कैसे निपटे

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दोस्तों आज हम बच्चो के रवये के बारे में बात करने जा रहे है आज का आर्टिकल है कि, “आलसी और सुस्त बच्चो से कैसे निपटे”. अगर आपको लगता है कि, आपका बच्चा ही बहुत आलसी और सुस्त है तो हम आपको बता दे कि, आज के वक्त में ज्यादा से ज्यादा सभी बच्चे आलसी और सुस्ती के शिकार है. एक research ये दावा कर चूका है कि, तकरीबन जितने बच्चे आलसी और सुस्त होते है इसके पीछे माता पिता और आज के युग की तकनीकी एक महत्वपूर्ण कारण है.

तो अगर आप अपने बच्चो को आलसीपन और सुस्तीपन से बाहर निकालना चाहते है तो आपको हमारे कुछ तरीको को फॉलो करना होगा.

बच्चो की देखभाल आलसी और सुस्त बच्चो से कैसे निपटे

Deal with lazy children in Hindi

बच्चो के सुस्त और आलसी होने के कारण

पहले जान लेते है कि, बच्चो को आलसीपन किस किस कारण से आता है ताकि बाद में आप इन कारणों को जान सको.

1. Physically Activity से दूर रहना

आजकल के बच्चे घर से बाहर निकलना ही पसंद नहीं करते तो ऐसे में आप ही बताये कि, बच्चे फिजिकल एक्टिविटी कैसे करेंगे. बच्चो में बढती आधुनिक तकनिकी का इस्तेमाल और पढाई का ज्यादा प्रेशर बच्चो को physically activity से दूर रखती है.

2. खाना ना खाना

आजकल की फ़ास्ट लाइफ ने सभी को तंग कर के रख रहा है. फ़ास्ट लाइफ के चक्कर में हम कुछ ऐसे काम नहीं कर पाते है जो काम हमे हर रोज करना चाहिये जैसे कि :- खाना खाना. सुबह लेट होने के चक्कर में कई बच्चे ब्रेकफास्ट नहीं कर पाते या दिन में स्कूल से tuition के चक्कर में खाना मिस कर देते है. ऐसे में होता क्या है कि, बच्चो में कमजोरी आजाती है जिससे ये कमजोरी धीरे धीरे सुस्ती और आलसपन में बदल जाता है.

3. इलेक्ट्रॉनिक का इस्तेमाल करना

आजकल के युग में बच्चे इलेक्ट्रॉनिकस का इस्तेमाल ज्यादा करने लग गए है जैसे कि :- मोबाइल, कंप्यूटर, टेबलेट etc etc. जब बच्चे इन electronic का इस्तेमाल करते है तो वो 3 से 4 घंटे तक इन्ही में लगे होते है. ऐसे में होता क्या है कि, बच्चो की body की movement बहुत कम होती है जिस वजह से बच्चो में आलसपन आजाता है.

बच्चो के आलस और सुस्ती को कैसे दूर करे

दोस्तों अब बात करते है कि, बच्चो में सुस्ती और आलसपन कैसे हटाये. निचे हमने कुछ तरीके बता रखे है आप इन्हें पढ़े और फॉलो करे.

1. बच्चो के होमवर्क में साथ दे

आजकल के बच्चे स्कूल होमवर्क के साथ साथ electronic का इस्तेमाल करते है. इससे होता क्या है कि, बच्चे ढंग से अपना स्कूल का काम नहीं कर पाते या करते है तो जल्दबाजी में. कई बच्चे तो काम में ही बहुत सुस्ती फेलाते है जिस वजह से वो अपना काम पूरा नहीं कर पाते.

तो ऐसे में आपको अपने बच्चो के होमवर्क को थोडा interesting बनाना चाहिये. आप अपने बच्चो को कहो कि, जब तुम्हारा काम खत्म हो जायेगा तो तब तुम विडियो गेम्स खेल सकते हो, मोबाइल चला सकते हो, बाहर खेलने जा सकते हो, तुम जो कहोगे वो खिलाएंगे etc etc. जब आपके बच्चो का काम खत्म हो जाये तो अपने बच्चो का काम रिव्यु करे. इससे होगा क्या कि, आपके बच्चे आपको बेवकूफ नहीं बना पायेंगे और आपके बच्चो के मन में काम खत्म करने का डर बना रहेगा.

2. बच्चो को काम दे

अगर आपका बच्चा बहुत ज्यादा आलसी है तो आपको अपने बच्चो को घरो के काम करवाना चाहिये जैसे कि :- झाड़ू पोछा मरवाना, घर की सफाई करवाना, बर्तन मंज्वाना, कपडे धुलवाना, खाना बनवाना, बाहर के सामान मंगवाना etc etc काम. इससे होगा क्या कि, आपके बच्चे इन कामो से चुस्त बने रहेंगे. अगर आपके बच्चे इन कामो को करने में आना कामी करे तो अपने बच्चो को कहे कि, इस काम को करो और बाद में अपनी मर्जी का कोई भी काम करो.

3. Electronics इस्तेमाल को कम करे

बच्चे electronic का इस्तेमाल ज्यादा तभी करते है जब उनके आसपास ये चीज़े हो या घर वालो को इन चीजों से कोई फर्क ना पड़ता हो. पर जैसे कि, हमने आपको बताया था कि, electronic का इस्तेमाल करने से बच्चे आलसपन और सुस्तीपन का शिकार हो जाते है तो ऐसे में आपको अपने बच्चो को इलेक्ट्रॉनिक का इस्तेमाल कम करवाना चाहिये. आपको electronic इस्तेमाल करने का एक limit बनाना चाहिये. एक समय निर्धारित करे जिस time पर आपके बच्चे इलेक्ट्रॉनिक का इस्तेमाल कर सके. उसके बाद उनसे इलेक्ट्रोनिक चीज़े ले ले.

4. खेल कूद करवाये

हो सकता है कि, जिस सोसाइटी में आप रहते हो वहा पर बच्चे ना हो या बच्चे हो तो वो बाहर खेलते ना हो. जिस वजह से आपका बच्चा घर पर ही रहता हो और खाली बैठे बैठे या electronic का ज्यादा इस्तेमाल करके आलसी या सुस्त बन चूका हो. ऐसे में आपको ही उसका साथ देना चाहिये और उसे समझाना चाहिये कि इस तरह खाली बैठे बैठे तुम और सुस्त पढ़ जायोगे और तुम्हारा हेल्थ भी सही नहीं रहेगा. तुमको कुछ physical activity करनी चाहिये जिससे तुमे फुर्तीले या तेज बन सकते हो. अगर तुम्हारे साथ खेलने के लिये कोई नहीं है तो मैं तुम्हारे साथ खेलूँगा/खेलूंगी. आप अपने बच्चो के साथ एक्सरसाइज करे या other games खेले.

5. बच्चो के साथ Time Spend करे

ज्यादातार बच्चे आलसी और सुस्त इसलिये होते है क्योंकि उनके पास बात करने या खेलने के लिये कोई नहीं होता है. हो सकता है कि, इसी वजह से आपका बच्चा आलसी और सुस्त बना हो. अपने बच्चे को आलसीपन से दूर करने के लिये आपको अपने बच्चो से बात करनी चाहिये. उनके साथ बैठे बात करे कि, आज पूरा दिन तुमने क्या किया, क्या तुम्हे कोई परेशानी तो नहीं है etc etc बाते. ऐसे में आपका बच्चा आपके बहुत कुछ शेयर करेगा. आप अपने बच्चे को समझा सकते हो कि, क्या गलत है क्या सही है? देखिये बच्चे बहुत नादान होते है आपकी समझदारी ही उन्हें बता सकती है कि, क्या सही है और क्या गलत?

तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा, हमे बताने के लिये हमे comment करे. दोस्तों हमारे साथ बने रहने के लिये thanks.

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