गुस्सापन बच्चो के गुस्से से कैसे निपटे (100% तरीके)

गुस्सापन : बच्चो के गुस्से से कैसे निपटे (100% तरीके)

दोस्तों आज हम बच्चो के गुस्से के ऊपर बात करने जा रहे है आज का आर्टिकल है कि, “बच्चो के गुस्से से कैसे निपटे”. गुस्सा आना एक भाउकता को दर्शाता है और ऐसा सभी के साथ होता है. जहा तक बच्चो की बात है तो बच्चे भी इस भावना को फील करते है और जो बच्चे ऐसा करते है उनके माता पिता को बच्चो को हैंडल करने में परेशानी होती है.

आजकल के बच्चे नार्मल भी बात करते है तो गुस्से में या चिडचिडे भाषा में बात करते है. अगर यु कहे तो ये आदत बच्चो में नेचुरल हो चुकी है और इसके पीछे बहुत solid reason है. पहले के मुकाबले अब बच्चो को ज्यादा pressurize किया जाता है जैसे कि :- पढाई का, tuition का, अच्छे नंबर्स का, एक दुसरे से आगे निकलने का etc etc. ऐसे में बच्चो में खाने की भूक कम होती है, बच्चे अपने नींद पूरी नहीं कर पाते और बच्चे खेलते नहीं है. तो अब आप ही बताये कि, बच्चो में गुस्सापन या चिडचिडापन आयेगा की नहीं.

दोस्तों आपको अपने बच्चो के इस भावनाओ से निकलने में मदद करना होगा. आपको ये जानना होगा कि, इसके पीछे कारण क्या है और अपने बच्चो को कैसे खुश रखा जाये? आगे की जानकारी के लिये इस आर्टिकल को पूरा पढ़े.

गुस्सापन बच्चो के गुस्से से कैसे निपटे (100% तरीके)

How To Handle Anger Children In Hindi

बच्चो को गुस्सा क्यों आता है

बच्चो के गुस्से से निपटने के लिये आपको ये समझना होगा कि, बच्चे ऐसा क्यों कर रहे है. निचे हमने कुछ तरीके बताये है जो बच्चो को मजबूर करते है गुस्सा होने के लिये.

1. बच्चो पर दबाव बनाना

आजकल की दुनिया पहले से बहुत फ़ास्ट है. आपने अपने वक्त पर जिस तरह की लाइफ जी थी अब ऐसा कुछ नहीं है. आजकल बच्चो को पढाई का दबाव शुरू से ही डाल दिया जाता है. स्कूल में टीचर का दबाव, घर में घर वालो का दबाव, tuition में अलग दबाव. बार बार बच्चो पर हुक्म चलाना, इस तरह का दबाव बच्चो को कमजोर बना देता है बच्चो को ऐसा लगता है कि, उनकी लाइफ में कुछ है ही नहीं……….. ना खुशी……… ना मस्ती etc etc. अब आप ही बताये कि, बच्चो में गुस्सापन या चिडचिडापन आएगा की नहीं.

2. Physical Activity का ना होना

अब बच्चो पर इतना सारा भार डाल दिया जायेगा तो बच्चे अपने आप के लिये वक्त कैसे निकाल पायेंगे. बच्चो का शरीर और दिमाग growing पीरियड में होता है ऐसे में बच्चो को शाररिक गतिवीधिया करना चाहिये ताकि बच्चो को growth मिलने में मदद मिल सके. पर इसके बजाये बच्चे किसी दुसरे काम में लगे होते है. जहा बच्चो को अपना शाररिक विकास करना चाहिये वहा बच्चो को दिमागी कामो में डाल दिया जाता है. तो ऐसे में बच्चो का गुस्सा आना आम बात है.

3. प्रॉब्लम शेयर ना करना

जैसे की हमने आपको बताया है कि, बच्चे growing पीरियड में होते है ऐसे में बच्चो के मन में बहुत तरह के सवाल चल रहे होते है जिसका जवाब पाने के लिये वो बेचेन होते है. ऐसे में अगर माँ बाप अपने बच्चो पर दबाव बनाते है या बहुत सख्ती रखते है तो बच्चे अपने माँ बाप से बहुत डर जाते है. इस तरह से बच्चे अपनी problem शेयर नहीं कर पाते. उनका सवाल उनके अन्दर ही चलता रहता है जिस वजह से बच्चे frustrate हो जाते है जो बाद में गुस्से या चिडचिडेपन का रूप ले लेता है.

4. नींद ना पूरी होने के कारण

अक्सर माता पिता अपने बच्चो के प्रति इतने serious होते है कि, वो अपने बच्चो को 24सो घंटे पढाई पढाई करने को कहते है. ऐसे में बच्चो को जितने घंटे की नींद चाहिये होती है उतने घंटे की नींद नहीं मिल पाती है. इस तरह से बच्चो में सुस्ती, जल्दी गुस्सा आना, हर बात पर चिल्लाना, माता पिता की बात ना मानना जैसी आदते आजाती है.

बच्चे के चिडचिडापन और गुस्से को करे दूर

तो दोस्तों हमे पता है कि, आपको अपनी गलतियों पर पछतावा हो रहा होगा. अब इस भाग में हम आपको बतायेंगे कि, बच्चो को कैसे खुश रखा जाये?

1. अपना भी ख्याल रखे

किसी ने सही कहा है कि, बच्चो को संभालना आसान काम नहीं है और जब आपके बच्चे बहुत गुस्से वाले हो तो आपके लिये बच्चो को संभालना बहुत मुस्किल वाला काम हो जाता है ऐसे में ज्यादातार माता पिता अपने बच्चो पर चिल्ला बैठते है या पीटने लग जाते है. आपके बच्चे अभी बहुत छोटे है वो अपने गुस्सेपन और चिडचिडेपन को नहीं समझेगे और ना ही बदलेंगे पर अगर आप अच्छे अभिभावक बनना चाहते है तो आपको अपने आपको बदलने के बारे में सोचना चाहिये.

आपको meditation, yoga और exercise करने के बारे में सोचना चाहिये. ये सब तरीके आपको अंदरूनी शांति प्रदान करता है तो आपको ये सब हर रोज कुछ घंटे जरुर करना चाहिये. हो सके तो अपने साथ अपने बच्चे को भी ये करवाये. इससे होगा क्या कि, आपका बच्चा भी शांत रहना सीख जायेगा.

2. फिजिकल एक्टिविटी करवाये

अगर आपका बच्चा अंदरूनी भावनाओ से गुजर रहा है तो आपको अपने बच्चे को इस भावना से छुटकारा देना चाहिये. आपको अपने बच्चो को बाहरी खेलो की तरफ attract करना होगा. इस तरह की गतिविधि अंदरूनी शांति प्रदान करेगा. अगर आपको लगता है कि, आपके बच्चे के साथ खेलने को कोई नहीं या खेलने के लिये ग्राउंड नहीं है तो आप अपने बच्चे को sports group में join करवा सकते हो.

3. अपने बच्चो को सिखाये कि, गुस्से होने पर क्या करे

ज्यादातार बच्चो को पता ही नहीं होता है कि, गुस्सा क्या चीज़ है ये कैसे आती है. तो बच्चे जब गुस्सा होते है या चिल्लाते है तो उन्हें लगता है कि, ये नार्मल चीज़ है. ऐसे में बच्चे इस चीज़ को काबू करने की बजाये इस चीज़ में जकड जाते है और उन्हें पता ही नहीं चलता है. तो ऐसे में ये आपकी जिम्मेदारी बनती है कि, आप अपने बच्चो को बताये कि, गुस्सा क्या होता है? ये कैसे काम करता है? और गुस्से होने पर क्या होता है? और गुस्सा आने पर क्या करे या गुस्से को कैसे control करे?

अपने बच्चो को बताये कि, जब आपको गुस्सा आये तो लम्बी और गहरी सास ले या कही खेलने को चले जाये या शांत जगह पर चले जाये. इस तरह से आप अपने गुस्से को काबू कर पाओगे.

तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमे बताने के लिये comment करे. अगर आपके मन को कोई सवाल चल रहा है तो हमसे पूछे. दोस्तों हमारे साथ बने रहने के लिये thanks.

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About the Author: Neha Sharma

Hi, friends मेरा नाम नेहा शर्मा है और में professional blogger हु. इस blog को बनाने का मेरा main मकसद ये है कि, मैं महिलाओ और लडकियों कि problem को solve कर सकु.

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