भावनाये : इमोशनल बच्चो की देखभाल कैसे करे (100% तरीके)

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दोस्तों आज हम इमोशनल बच्चो के बारे में बात करने जा रहे है आज का आर्टिकल है कि, “इमोशनल बच्चो की देखभाल कैसे करे”. हर किसी parents के लिये बच्चो को संभाल पाना थोडा बहुत मुस्किल काम होता है पर जब बात इमोशनल बच्चो की आती है तो माँ बाप को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है क्योंकि ऐसे बच्चो का नेचर बहुत खराब होता है. ऐसे वक्त पर आपको बहुत धेर्य रखना होता है और बहुत सयम से काम लेना होता है. आपको सबसे पहले ये जानने की कोशिश करना होगा कि, आपके बच्चे के साथ क्या गलत हो रहा है और आप कैसे अपने बच्चे को अच्छा feel करवा सकते हो.

अगर आपको लगता है कि, आप कामयाब नहीं हो पा रहे हो तो निचे हमने कुछ और तरीके बता रखे है. इन्हें पढ़े और फॉलो करे.

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Take Care Of Emotional Children In Hindi

आप क्या गलती कर बैठते है

इस भाग में हम आपको बतायेंगे कि, इमोशनल बच्चो के साथ आप क्या गलती कर बैठते है कि, वो अपने भावनाओ से निकल नहीं पाते.

1. गुस्सा हो जाना

जब बच्चे हो जाते है तो माता पिता का फर्ज और बढ़ जाता है और ऐसे में सभी parents अपने जिंदगी में और busy हो जाते है. जब बच्चे कई बार इमोशनल हो जाते है तो माँ बाप अपने बच्चो पर जल्दी गुस्सा कर जाते है और डाटते है. इस तरह से बच्चे इमोशनल को अपने अन्दर से बाहर नहीं निकाल पाते और हर बात पर अपने आपको इमोशनल कर बैठते है.

2. ज्यादा बातचीत ना करना

कई माँ बाप को ये लगता है कि, उनके बच्चो का ये तो रोजाना का काम है मतलब इमोशनल होने का. कई माँ बाप इस इमोशनल को ड्रामा समझते है और अपने बच्चो से बातचीत नहीं करते है. ऐसे में बच्चा अकेलेपन में रह जाता है और अपने इमोशनल को और deeply ले लेता है.

3. ना समझना

तकरीबन बहुत से माँ पिता इस problem को समझने की कोशिश ही नहीं करते है. उनका यही सोचना होता है कि, बच्चे इमोशनली ड्रामा करते है ताकि हम उनकी इक्छाओ को पूरा कर सके. कई माँ बाप ये समझते है कि, बच्चे इस तरह की हरकते करते रहते है.

बच्चो को हैंडल कैसे करे

अब जानते है कि, बच्चो के इमोशनल को कैसे हैंडल करे और emotional से कैसे बाहर निकाले. निचे हमने कुछ तरीको पर बात करी है. आप इन्हें पढ़े और समझे.

1.इमोशनल के बारे में बताये

कई बच्चो को ये पता नहीं होता है कि, इमोशनल चीज़ होती क्या है? ये कैसे आती है? जिस वजह से कई माता पिता अपने बच्चो को emotional से बाहर निकाल नहीं पाते. अगर आप अपने बच्चे को इमोशनल से बाहर निकालना चाहते है तो आपको सबसे पहले अपने बच्चो को इमोशनल के बारे में बताना होगा कि, ये एक भावना होती है. जब हमे कोई चीज़ नहीं मिलती है या हमे कोई ठेस पहुचता है तो हम emotional हो जाते है. इमोशनल एक दुःख होता है जो सभी को आती है और चली जाती है.

2. बच्चो से Problem पूछे

इमोशनल या दुःख के पीछे कोई ना कोई कारण जरुर होता है. कई बच्चे इमोशनल या दुःख में रोने, चिल्लाने या कुछ गलत कार्य कर बैठते है जिस वजह से पेरेंट्स को प्रॉब्लम होती है. ऐसे में आपको अपने बच्चो की प्रॉब्लम को जानने की कोशिश करनी चाहिये.

पहले ये देखे कि, आपका बच्चा किस वजह से दुखी है. अगर आपको लगता है कि, आपके घर में कुछ ऐसा हुआ है जो आपके बच्चे को अच्छा नहीं लगा हो और आप उस चीज़ को बदल नहीं सकते तो आपको अपने बच्चे को दिलासा देना होगा और आगे बढ़ने के लिये कहना होगा.

पर अगर आपका बच्चा आपके कारण इमोशनल या दुखी हुवा है और आपको लगता है कि, आपका ये डिसिशन बच्चे के हिसाब से गलत था तो आप अपनी गलती को माने और आगे से नहीं होगा कहे.

ये भी हो सकता है कि, आपका बच्चा बाहरी कारणों की वजह से दुखी हो तो आपको उस कारणों को जानने की कोशिश करनी चाहिये. हो सकता है कि, आपका बच्चा अपने उस कारण को ना बताये पर आपको धेर्य से काम लेना होगा और बार बार अलग अलग सवाल में उसकी परेशानी को पूछना होगा. हमे पता है कि, बार बार पूछने पर आपका बच्चा अपने problem जरुर बताएगा.

3. अपना experience बताये

जब आपको अपने बच्चे के इमोशनल या दुखी होने का कारण पता चल जाये तो आपको इस सिचुएशन को अलग तरीके से हैंडल करना चाहिये.

कई बच्चे अपने माता पिता की बताई हुयी बातो को समझ नहीं पाते. तो ऐसे में आपको अपने experience के बारे में बताना चाहिये. अपने बच्चो को बताये कि, जब मैं दुखी होता था तो मैं अपने पिता से अपने दिल की बात बताता था, कई बार तो मैं रो पड़ता था. इस तरह से कहने से आपके बच्चे को लगेगा की वो अकेला नहीं है. अपने बच्चो को बताये कि, दुखी होना अच्छी बात है और ये इंसान के नेचर में है.

4. बच्चो के साथ मजे करे

अगर आपको लगता है कि, आपका बच्चा इमोशनली sad है तो आप तुरंत अपने बच्चो को खेलने के लिये कह सकते हो या उससे हसी मजाक कर सकते हो. ऐसे में आपके बच्चे को ये याद आएगा कि, आप उससे कितना प्यार करते है और उसकी देखभाल करते है.

अगर आपका बच्चा कुछ खेल रहा हो या विडियो game खेल रहा हो तो आप उसके साथ join कर सकते है और दिन भर के बारे में उससे पूछ सकते है. ऐसे में आपका बच्चा अपनी problem आपको जरुर बताएगा.

5. चिकित्सक खोजें

कई बार आप बहुत कोशिश करते है पर फिर भी आपका बच्चा अपनी problem को नहीं बताता है या आपका बच्चा हर बात पर इमोशनल हो जाता है जो आपके हिसाब से गलत है. तो आप किसी professional डॉक्टर की हेल्प ले सकते है.

तो दोस्तों आपको ये वाला आर्टिकल कैसे लगा हमे comment करके बताये. अगर आपके मन में कोई और सवाल है तो हमे बताये. दोस्तों इस आर्टिकल को शेयर और like करना ना भूले social sites पर.

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