शिशु को बोलना : छोटे बच्चे को बोलना कैसे सिखाये

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BabyParenting

दोस्तों आज हम छोटे बच्चे या शिशु के बोलने के बारे में बात करने जा रहे है. आज का आर्टिकल है कि, “छोटे बच्चे को बोलना कैसे सिखाये”. किसी भी माँ बाप के लिये बच्चे का पहला शब्द का बोलना किसी ख़ुशी से कम नहीं होता है. हर माँ बाप चाहते है कि, उसके बच्चे का विकास अच्छे से हो और वो ये विकास अपने सामने देखे. उन्ही विकास में से एक बच्चे का बोलना आजाता है. दोस्तों छोटे बच्चे/शिशु का बोलने का अपना एक समय होता है. उस समय में हर बच्चा बोलने कि कोशिश करता है या तुतलाता रहता है. पर अगर उस समय को भी पार करके आपका बच्चा बोलना शुरू नहीं करता है तो ऐसे में आपको चिंता सताती है और आप बहुत से उपाय धुंडने लगते है.

देखिये अगर आपका बच्चा एक निश्चित उम् को पार करके भी बोल नहीं पा रहा है तो ऐसे में आपको डाक्टर या स्पीच थेरेपिस्ट को दिखाना चाहिये. पर अगर आपको लगता है कि, आपका बच्चा बोल सकता है तो ऐसे में हम आपको कुछ तरीके बता सकते है. हम आपको पहले ही बता दे कि, इन तरीको को आजमाने के लिये आपको बहुत मेहनत और समय लग सकता है. अगर आप हमारे तरीको को फॉलो करते है तो आपका बच्चा अच्छे से बोलना सीख सकता है.

शिशु को बोलना छोटे बच्चे को बोलना कैसे सिखाये

बाहरी तरीके से बच्चे को बोलना सिखाये

बाहरी तरीको में कुछ तरीके आते है जो आपके शिशु baby को जल्दी बोलना सीखा देते है और आपकी ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती है.

1. Baby को Songs लगाये

Doctors की माने तो उनका कहना होता है कि, इंसान का दिमाग का विकास पहले 5 साल के अन्दर बहुत तेजी से होता है. इसी उम्र में इंसान तेजी से सीखता है मतलब absorb करता है. तो आप गाने से through से भी अपने बच्चे को बोलना सीखा सकते हो. अगर आप अपने बच्चे को जिस language में बोलना सीखाना चाहती है आप उस language के गाने चला सकती है. अगर आप घर पर है तो हल्के स्पीकर के through गाने सुना सकती है. अगर आप कार में है तो हल्की आवाज से बच्चे को गाना सुना सकती है. इस बात का ध्यान रखे कि, बच्चे के काम में हैडफ़ोन ना डाले……………….. बच्चे के काम और सुनने की शक्ति बहुत कमजोर होती है ऐसे में आप बच्चे के कान दर्द कर सकते हो.

2. बच्चे को Cartoon दिखाये

Research से पता चला है कि आपके नवजात शिशु को मूल भाषा को पहचानने की क्षमता होती है. दोस्तों cartoon बच्चो की हमेशा से ही पसंद रही है. तो आप cartoon की मदद से भी अपने बच्चे को बोलना सीखा सकती है. अगर आप India में रहती है तो आप हिंदी cartoon दिखा सकती है नहीं तो अगर आप बाहर रहती है तो आप इंग्लिश cartoon दीखा सकती है. Cartoon दीखाने से आपके 2 फायदे हो जाते है. एक तो आपका बच्चा language को catch करना सीख जाता है और दूसरा आपका बच्चा हाव भाव भी जल्दी सीख जाता है.

3. बच्चे के सामने बाते करे

इसके अलावा आप शिशु से बाते करके भी उसको बोलना सीखा सकती है. बहुत सी महिलाये ऐसी है जो ये सोचती है कि, बच्चो से बात करने से क्या होगा वो कोन सा समझेंगे? देखिये बच्चे बहुत जल्दी absorb कर लेते है. आप बच्चे के सामने बाते करेंगी तो बच्चा आपको हाव भाव से जवाब देने लगेगा या coo या चिल्लाने लगेगा.

4. बच्चे को Books के Through कहानी सुनाये

ये साबित हो चूका है कि, पढ़ना आपके बच्चे के विकास पर एक शक्तिशाली सकारात्मक प्रभाव डालता है. बच्चे के सामने books पढने से या कहानी सुनाने से बच्चे की इमेजिनेशन strong बनती है. ऐसा करने से उसकी सोचने की शक्ति बढती है.

खुद कोशिश करे

इसके साथ साथ आप अपने आपसे भी कोशिश कर सकती है. निचे हमने 3 तरीके बताये है आप इन्हें फॉलो करे. हमे उम्मीद है कि, इससे आपको फायदा मिलेगा.

1. बच्चे के साथ Body Languages से बात करे

Body languages को आप हाव भाव भी कह सकती है. starting में आपके बच्चे के लिये बोलना या समझना बहुत मुस्किल होता है तो ऐसे में आप अपनी body language की मदद से अपने बच्चे को ये बता सकती है कि, आप क्या कहना चाह रही है. छोटे बच्चे body language को बहुत जल्दी capture कर लेते है.

जब आप अपने बच्चे के सामने हो या कुछ कर रहे हो तो बच्चे को हाव भाव से बताये की, आप क्या कर रही है.

2. Starting में Spelling Short रखे

माना की, बच्चो का दिमाग starting में बहुत तेजी से सीखता है पर इतना भी नहीं की वो आपसे direct बात कर सके. छोटे बच्चे हर शब्द को absorb नहीं कर पाते वो हल्के फुल्के word को समझ पाते है. तो ऐसे में आपको starting में बच्चे को short word ही सिखाने चाहिये जैसे कि :- पापा, ममा, अंकल, घर, कार, brother, sister, go, come etc etc शब्द. ऐसे में आपका शिशु main main words को जल्दी सीख जायेगा.

3. बच्चे की बातो को भी समझे

आपका बच्चा अभी अच्छे से बोल नहीं सकता है तो वो आपको कुछ भी समझाने के लिये अजीब अजीब सी हरकते करेगा या आपको हाव भाव से जाहिर करने कि कोशिश करेगा. तो ऐसे में आपको अपने बच्चे की बातो को समझकर जवाब देना होगा. हो सकता है कि, आपको अपने बच्चे का बोलना समझ ना आये…………. पर अगर आप try करती रहेंगी तो आप समझ जायेंगी. वेसे भी माँ अपने बच्चे की ख़ामोशी को भी समझ लेती है.

तो दोस्तों हमारा आर्टिकल पूरा हो चूका है. अगर आपको हमारा ये आर्टिकल बहुत अच्छा लगा हो तो हमे comment करे like करे. दोस्तों हमारे साथ बने रहे next आर्टिकल के लिये.

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